महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ · संस्कृति विभाग · म.प्र. शासन
सम्राट विक्रमादित्यसम्मान 2026
सम्राट विक्रमादित्य के गुणों न्याय, दानशीलता, शौर्य, कला एवं मानव कल्याण को जीवंत रखने के लिए दिया जाने वाला राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान।

पुरस्कार राशि
₹1.01 Cr
सर्वोच्च पुरस्कार राशि
5
कुल पुरस्कार
संवत् 2083
विक्रम संवत्
20 मई
अंतिम तिथि 2026
सम्मान की श्रेणियाँ
सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों में उत्कृष्ट योगदान हेतु

अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
पुरस्कार राशि
₹1 करोड़ 1 लाख
विश्वस्तरीय योगदान न्याय, दानशीलता, सुशासन, खगोल विज्ञान, कला, शौर्य, राजनय, आध्यात्म, विश्व मानव कल्याण तथा भारतीय संस्कृति के उत्थान में।
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राष्ट्रीय सम्मान
पुरस्कार राशि
₹21 लाख
राष्ट्रीय स्तर पर सुशासन, शास्त्रीय साहित्य, खगोल विज्ञान, शौर्य, राजनय एवं जनकल्याण में असाधारण योगदान।
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शिखर सम्मान
पुरस्कार राशि
₹5 लाख × 3
मध्यप्रदेश में कला, शौर्य, साहित्य, राजनय एवं सृजनात्मक जनकल्याण में उल्लेखनीय योगदान।
नामांकन करेंसम्राट विक्रमादित्य की अमर विरासत

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सम्राट विक्रमादित्य का चित्र
"न्याय, दान, और प्रजाहित सदैव प्रथम।"
विक्रम संवत्
2083
सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों को स्मरण करने एवं उन्हें जीवंत रखने के लिए यह सम्मान स्थापित किया गया है। विक्रम संवत् की परंपरा 57 ईसा पूर्व में प्रारंभ हुई। वर्ष 2026 में हम विक्रम संवत् 2083 का स्वागत कर रहे हैं।
न्याय एवं धर्म
सभी नागरिकों के लिए निष्पक्ष न्याय की अटूट परंपरा
सुशासन
कुशल राज्य प्रबंधन और जनकल्याणकारी नीतियाँ
विद्या एवं कला
नवरत्नों के संरक्षक, साहित्य और विज्ञान के पोषक
विश्व कल्याण
वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से मानव सेवा
किन क्षेत्रों में मिलता है यह सम्मान?
न्याय
दानशीलता
सुशासन
खगोल विज्ञान
ज्योतिष
कला
शौर्य
राजनय
आध्यात्म
भारतीय दर्शन
वेदान्त
विश्व कल्याण
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सम्मान 2026
संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था का पृथक-पृथक उल्लेख करते हुए स्पष्ट अनुशंसाएँ नीचे उल्लिखित पते पर 20 मई 2026 तक भेजना आमंत्रित हैं।
पता
निदेशक, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ रवीन्द्र भवन परिसर, प्रथम तल, भोपाल
दूरभाष
0755-4535064वेबसाइट
awards.mvspujjain.com
